प्रकाशितवाक्य 19:4 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान4 तिन्नैं च़ौबी विश्वासी मंडल़ीए सैणैं और च़ऊ प्राणीं बी टेक्कअ उटअ पल़ी करै परमेशरा लै माथअ ज़ुंण राज़गादी दी त बेठअ द, और बोलअ, “तथास्तू, परमेशरे ज़ै-ज़ैकार!” Viz kapitolaकुल्वी4 होर चौऊबी स्याणै होर च़ोहू प्राणियै टुँबड़ै पौड़िया परमेश्वरा बै प्रणाम केरू ज़ो सिंहासना पैंधै बेठा ती होर बोलू, “आमीन, हालेलुय्याह।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम4 होर तेबा चबी प्राचीनों होर च़हू प्राणी पड़ी करे परमेश्वरा वै प्रेम करू जोह सिंहासना पेन्दे बैठदअ थी नमस्ते की, होर बोलू आमीन! हाललूय्याह! Viz kapitola |