प्रकाशितवाक्य 19:20 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान20 सह पशू और तेऊ संघै सह झ़ुठअ गूर बी ढाकअ, ज़ुंणी तिन्नां सम्हनै नछ़ैण रहैऊऐ तै, ज़ेता करै तेऊ तिंयां धोखै दी पाऐ तै ज़हा दी तेऊ पशूए छ़ाप ती और ज़ुंण तेऊए मुर्तिए पूज़ा करा तै, ईंयां दूई पाऐ ज़िऊंदै-ज़िऊंदै ई तेऊ आगीए समुंदरा दी ज़ुंण गंधका करै ज़ल़ा। (प्रगट की दी गल्ला 20:2) Viz kapitolaकुल्वी20 होर सौ पशु होर तेई सैंघै सौ झ़ूठा भविष्यवाणी केरनु आल़ा ढौकुआ, ज़ुणियै तेई सामनै ऐण्ढै नशाण रिहाऐ ती। ज़ुणियै लाइया तेइयै ते भरमाऐ, ज़ुणियै तेई पशु री छाप लेई ती होर ज़ुणा तेसा मूर्ति री पूजा केरा ती, ऐ दुहै ज़िन्दै ज़ीऊ तेसा औगी री झ़ीला न पाऐ ज़ो गन्धकै लाइया भौका सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम20 सह जानवर होर तेऊ संघे झूठअ भविष्यवक्ता करन आलअ ढाकु थी, जासुये तेऊरे सामने एड चिन्ह होर चमत्कार करी, जासु संघे त्याह भरमाई थी, जासू पेन्दे तेऊरे जानबर री मोहर थी, होर जोह तेऊरी मूर्ति पूजा करा थी, याह दुहे जिऊंदे तेसा आगी री झीला में जोह गन्धका संघे जलदा थी तेता में पाई। Viz kapitola |