प्रकाशितवाक्य 18:11 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान11 “पृथूईए बपारी लाणीं तेसा लै लेरा और तिंयां चाछल़णैं तेसा लै, किल्हैकि ऐबै निं कोही तिन्नों माल मोल लणअ। Viz kapitolaकुल्वी11 “होर धौरती रै व्यपारी तेसरी तैंईंयैं रोणां होर शोक केरना किबैकि ऐबै कोई तिन्हरा माल मोल नी लेणा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम11 होर धरती रे ब्यपारी तेसकी तणी लेरने होर शोक मनाऊणा किबेकि एवा त्याहरा माल कासी नांई लउणा। Viz kapitola |