प्रकाशितवाक्य 17:13 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान13 “ईंयां सोभ हणैं एक मन, और तिन्नां दैणीं आपणीं-आपणीं शगती और हक तेऊ पशू लै। Viz kapitolaकुल्वी13 इन्हां सैभी एकी मनै रै होंणा होर आपणी-आपणी शक्ति होर अधिकार तेई पशु बै देणा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम13 याह सभी एकमन हुणे, होर याहा आपणे-आपणे सामर्थ्य होर अधिकार तेऊ जानबरा वै दीणा। Viz kapitola |