प्रकाशितवाक्य 17:10 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान10 पांज़ आसा गऐ दै हई। एक आसा एभै, और एक निं अज़ी आअ, और ज़ेभै एछे ता थोल़ी घल़ी आसा तेऊओ रहणअ बी ज़रूरी। Viz kapitolaकुल्वी10 होर ते सौत राज़ै भी सी, पौंज़ ता मूँऐं सी, होर एक हाज़ी भी सा होर एक हाज़ी तैंईंयैं आऊ नी होर ज़ैबै एला ता किछ़ बौक्ता तैंईंयैं तेइरा रौहणा भी ज़रूरी सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम10 होर त्याह सात राजा भी साहा, पाँज़ तो होई मुके, होर एक एवरे भी साहा, होर एक एवरे तणी नांई आउअ, होर जेव्ररे तेऊ इहणा थोड़ा वक्त तणी तेऊरा रहणा भी जरूरी साहा। Viz kapitola |