प्रकाशितवाक्य 16:9 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान9 लोग दझ़ै सुरज़े घमास्सा करै और तिन्नैं की परमेशरे निंदा किल्हैकि तिन्नां घोर खरी दी आसा त तेऊ ई हक। पर तज़ी बी निं तिन्नैं लोगै पाप करनै का मन बदल़अ और अज़ी बी निं तिन्नैं परमेशरे ज़ै ज़ैकार की। Viz kapitolaकुल्वी9 होर मांहणु बड़ै सेकै लाइया झ़ड़ासुऐ होर परमेश्वरै रै नाँ री ज़ौसबै इन्हां विपदा पैंधै अधिकार सा, निन्दा केरी होर तेइरी महिमा केरनै री तैंईंयैं मन नी बदलू। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम9 मणश बडे धुपे का झलुशी, होर परमेश्वरा रे ना री जासु याहा मुशिकला पेन्दे अधिकार साहा, निंदा वै नांई मन फरेऊ होर ना महिमा करी। Viz kapitola |