प्रकाशितवाक्य 16:3 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान3 दुजै स्वर्ग दूतै तरैल़ी आपणीं लोहदी समुंदरै ता सह बणअ मूंऐं दै मणछे लोहू ज़िहअ, और समुंदरै मूंअ हरेक ज़ीब। Viz kapitolaकुल्वी3 होर दुज़ै स्वर्गदूतै आपणै कटोरै न ज़ो ती समुन्द्रा न पेरु होर सौ मूँऐंदै रै लोहू सांही बणु होर समुन्द्रा रा हर एक ज़ीऊ मूँऐ। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम3 तेबा दूजे स्वर्गदूते आपणे कटोर समुन्दरे शोटी। होर सह मुयेदे मणशा रे लोहू साही बणू, होर समुन्दरा रे सभे जिंदगी आले प्राणी मुए। Viz kapitola |