प्रकाशितवाक्य 16:2 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान2 ता पैहलै स्वर्ग दूतै तरैल़ी लोहदी पृथूई दी तिन्नां मणछा दी ज़हा तेऊ पशूए छ़ाप आसा ती लागी दी और ज़ुंण तेऊए मुर्तिए पूज़ा करा तै। तिन्नां निखल़अ एक बडी झोशा लाणैं आल़अ दुखणअ। (प्रगट की दी गल्ला 8:8) Viz kapitolaकुल्वी2 तैबै पैहलै स्वर्गदूतै ज़ाइआ आपणै कटोरै न ज़ो ती धौरती पैंधै पेरु होर मांहणु रै ज़ुणी पैंधै पशु री छाप ती, होर ज़ुणा तेसा मूरतै री पूजा केरा ती, एकी किस्मा रा बुरा होर दु:ख देणु आल़ा दु:खणा निकता। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम2 तेबा पहिले स्वर्गदूते आपण पहिलअ कटोरअ धरती पेन्दे पेरू, तेबा त्याह मणशा वै जासु पेन्दे जानबरा री मोहर थी जोह तेऊरी मूर्ति पूजा करदा थी, त्याह वै एकी तरहा रा दुख दीणअ आल़अ दुःखण निकदअ। Viz kapitola |