प्रकाशितवाक्य 15:8 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान8 ता मांदर भर्हुअ तैहा धूँईं करै ज़ुंण परमेशरे प्रतपा और शगती का आई। मांदरै निं तेभै तैणीं कोहै डेऊई सकदअ त ज़ेभै तैणीं तिंयां सात घोर खरी निं हई मुक्के ज़ुंण तिन्नें सात स्वर्ग दूतै आणी ती। (याशायाह 6:4) Viz kapitolaकुल्वी8 होर परमेश्वरै री महिमा होर तेइरी शक्ति री बजहा न मन्दिर धुँऐ लाइया भौरूआ होर ज़ैबै तैंईंयैं तिन्हां सौत स्वर्गदूतै री सौत विपदा खत्म नी हुई तैबै तैंईंयैं मन्दिरा बै कोई भी नी ज़ाई सकू। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम8 होर परमेश्वरा री महिमा होर तेऊरा सामर्थ्य या री बजा का मन्दिर धुए संघे भरु, होर जेबरे तणी, त्याह सात स्वर्गदूता री सात मुशिकला मुकी नांई थी तेवरे तणी मन्दिरा में कोहे भी नांई नाही सका। Viz kapitola |