प्रकाशितवाक्य 15:6 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान6 तेखअ तिंयां सात स्वर्ग दूत ज़हा का तिंयां खिरी हणैं आल़ी सात खरी ती, तिंयां निखल़ै मांदरा का बागै। तिन्नैं तै चटाक च़मकदै शेतै झिकल़ै बान्हैं दै और तिन्नें हिक्का बाती ती सुन्नें गाची। Viz kapitolaकुल्वी6 होर ते सौत स्वर्गदूत ज़ुणी हागै सौत विपदा ती, च़ोखै होर च़मकदार मणी लाइया छ़ाती पैंधै सुनहरै पटै बोनिआ मन्दिरा न निकतै, Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम6 होर त्याह सात स्वर्गदूत जासु सेटा सात मुशिकला थी, त्याह शोभले होर शुद्ध होर चमकदार झिकड़े बानी, होर हीका में सुने री पाटी बानी करे मन्दिरा का निकदे। Viz kapitola |