प्रकाशितवाक्य 14:9 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान9 तेखअ आअ तिन्नां दूई स्वर्ग दूता पिछ़ू एक होर चिऊथअ स्वर्ग दूत और सह आसा त ज़ोरै इहअ बोलदअ लागअ द, “ज़ुंण तेऊ पशूए या तेऊए मुर्तिए पूज़ा करा और ज़सरै माथै और दैहणै हाथै तेऊ पशूए छ़ाप आसा लागी दी तिन्नां लै दैणीं परमेशरा सज़ा। Viz kapitolaकुल्वी9 फिरी इन्हां बाद एक होर त्रीजा स्वर्गदूत ऐण्ढा बोलदै-बोलदै आऊ कि “ज़ुण कोई तेई पशु होर तेइरी मूरतै री पूजा केरला होर आपणै मौथै या हौथा न तेइरी छाप लाला, Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम9 एता बाद एक होर चिउंण स्वर्गदूत बडे ज़ोरे संघे बोल्द आओ, जोह कोई तेऊ जानबरा होर तेऊरी मूर्ति री पूजा करे, होर आपणे माथे होर आपणे माथे तेऊरी मोहर लाए। Viz kapitola |