प्रकाशितवाक्य 14:7 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान7 तेऊ बोलअ ज़ोरै-ज़ोरै, “परमेशरा का डरा, और तेऊए अदर और ज़ै ज़ैकार करा, किल्हैकि तेऊए न्याय हणें धैल़ी गई एछी। तेऊए भगती करा, ज़ुंणी स्वर्गै, पृथूई, समुंदर और पाणींए सोबल़ा आसा बणांईं दी।” (नहेमायाह 9:6; प्रगट की दी गल्ला 4:11) Viz kapitolaकुल्वी7 होर तेइयै बड़ै शब्दा सैंघै बोलू, “परमेश्वरा न डौरा होर तेइरी महिमा केरा किबैकि तेइरै न्याय केरनै रा बौक्त आऊ सा होर तेइरी आराधना केरा, ज़ुणियै स्वर्ग, धौरती, समुन्द्र होर पाणी रै सोतै बणाऐ।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम7 होर तेऊये ज़ोरे संघे बोलू, परमेश्वरा का डरा, होर परमेश्वरा री महिमा करा, किबेकि तेऊरे न्याय करने रा वक्त आउदा साहा, होर तेऊरी प्रार्थना करा जासुये, सरग होर धरती होर समुन्द्र होर धरती रे पाणी रे छो बनाई। Viz kapitola |