प्रकाशितवाक्य 13:5 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान5 तेऊ पशू भेटअ आपणैं बारै घमंड करनैओ और परमेशरे निंदा करनैओ हक। एऊ कामां करनैओ हक भेटअ तेऊ बयाल़ी भिन्नैं तैणीं। Viz kapitolaकुल्वी5 तेइबै ऐ अधिकार धिना कि सौ घमण्ड होर निन्दा लाइया भौरूऐदै शब्द बोलणै बै आपणै मुँहा बै इस्तेमाल केरला। तेइबै ब्यालीस म्हीनै तैंईंयैं आपणी शक्ति रा प्रयोग केरनै रा अधिकार धिना। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम5 ज़ोरे-ज़ोरे बोलणा, होर निन्दा करने री तणी तेऊ जानबरा बे एक मुँह दीनदअ थी, होर तेऊबै बताली महीने तणी कामा करने रा अधिकार दिना। Viz kapitola |