प्रकाशितवाक्य 13:3 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान3 मंऐं भाल़अ तेऊए मुंडै एक बडअ भारी बडअ खाढ पल़अ द, और सह ज़ाण्हिंआं त ज़िहअ कि एतरै बडै ज़खमा करै मरनअ सह। पर सह हुअ राम्बल़अ और सारी पृथूईए लोग प्राछुऐ तेता भाल़ी और तिंयां लागै तेऊए मनी तेऊ पिछ़ू हांढदै। Viz kapitolaकुल्वी3 मैं हेरू कि तेइरी एक मुँडी पैंधै ऐण्ढै गैहरा ज़ख्म सा, ज़ैण्ढा कि सौ मौरनै पैंधै सा, फिरी तेइरा सौ गैहरा ज़ख्म भौरूआ, होर सारी दुनिया रै लोका हैरान होईया तेई पशु पिछ़ै-पिछ़ै च़लै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम3 मांई तेऊरे मुंडा में एडअ जख्म निखलदअ हेरू, हेरा सह मरने आलअ साहा, तेऊकी तेऊरा जख्म ठीक होऊ, होर सारी धरती रे लोका तेऊ जानबरा रै पिछे-पिछे अचम्भा करी करे हांडदे लागे । Viz kapitola |