प्रकाशितवाक्य 11:3 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान3 मुंह छ़ाडणैं दूई मणछ तिन्नें झिकल़ै आसा खिंथल़ै ज़हा मेरै सत्तो समाद खोज़णअ। तिन्नां रहणअ एक हज़ार दूई शौ शाठी धैल़ी तैणीं मेरै समादा खोज़दै लागी।” Viz kapitolaकुल्वी3 होर मूँ आपणै दुई गुआही बै अधिकार देणा कि ते टाट ओढ़िया एक हज़ार दुई शौऊ शौठ रोज़ा तैंईंयैं भविष्यवाणी केरलै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम3 होर महा आपणे दुई गुआही वै यह अधिकार दीणा, की कांबल़ी ढयाही करे एक हज़ार शाठ धियाड़ी तणी भविष्यवाणी करे। Viz kapitola |