प्रकाशितवाक्य 11:19 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान19 परमेशरो मांदर ज़ुंण स्वर्गै आसा, सह पबित्र ज़ैगा खोल्ही और तेऊए मांदरै शुझुअ तेऊए करारे मणशू, बिज़ल़ी, बैण, गुल़ूबिज़ल़ू और ज़ाज़री हुई संघा पल़ै बडै-बडै शरू। (प्रगट की दी गल्ला 15:5) Viz kapitolaकुल्वी19 होर परमेश्वरा रा मन्दिर ज़ो स्वर्गा न सा सौ खोलुआ होर तेइरै मन्दिरा न तेइरै वायदै रा सन्दूक हेरुआ होर बज़ड़ाह, शब्द, गर्जन होर भुँईडोल हुऐ होर बड़ै-बड़ै शौऊरु पौड़ै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम19 तेबा जोह परमेश्वरा रे मन्दिरे जोह स्वर्गा में साहा सह खोलू होर तेऊरे मन्दिरे तेऊरी वाचा रअ सन्दुक हेरू बिजली होर शब्द होर गरूढ़ु होर जाजरी होई होर बड़ा शरु होऊ। Viz kapitola |