प्रकाशितवाक्य 11:18 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान18 “होरी ज़ाती किऐ रोश, तिन्नां लै पल़अ तेरअ प्रकोप। “तेरअ सह बगत गअ एछी कि मूंऐं दै मणछो न्याय करे। “तेरै टैहलू, परमेशरे गूर और पबित्र लोगा और होछ़ै का बडै तैणीं ज़ुंण तेरै नांओंआं का डरा, तूह तिन्नों बदल़अ लऐ और पृथूईए बगाल़णैं आल़ै बरैबाद करे।” (प्रगट की दी गल्ला 19:5) Viz kapitolaकुल्वी18 होरी ज़ातियै झ़िक केरी होर तेरा प्रकोप एज़िया पौड़ू होर सौ बौक्त आऊ सा कि मूँऐंदै रा न्याय केरिला होर तेरै दास भविष्यवाणी केरनु आल़ै होर पवित्र लोका बै होर तिन्हां हौछ़ै-बड़ै बै ज़ो तेरै नाँ न डौरा सी तिन्हां बै बदला देइला होर धौरती बै बिगाड़नू आल़ै नष्ट केरिलै।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम18 अन्यजाति रोष करू, होर तेरा परकोप आउआ होर सह बक्त आउआ की मुएदे रा न्याय होर तेरे दास भविष्यद्वक्ता करन आले होर पवित्र लोका वै होर त्याह होच्छे बडे रे जोह तेरे ना कअ डरा त्याह वै बदली दीणे होर पृथ्वी रे बिगाड़ने आले नाश होए। Viz kapitola |