प्रकाशितवाक्य 11:10 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान10 पृथूई दी रहणैं आल़ै हणैं तिन्नें मरनै करै बडै भारी खुशी और मगन, तिन्नां डेऊणअ एकी दुजै सेटा मिलदै, किल्हैकि इनै दूई गूरै किऐ तै सारै पृथूई दी रहणैं आल़ै तंग। Viz kapitolaकुल्वी10 होर धौरती न रौहणु आल़ै तिन्हरै मौरनै सैंघै खुश होर मगन होंणा होर एकी दुज़ै बै भेंट भेज़णी किबैकि इन्हैं दुई भविष्यवक्तै धौरती न रौहणु आल़ै सताऐ ती। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम10 धरती में रहण आले त्याहरे मरने का खुश हुणे होर एकी दूजे सेटा भेंट भेजणे किबेकि यह दुई भविष्यवाणी करन आले धरती रे लोका दुखी करी दे थी। Viz kapitola |