प्रकाशितवाक्य 10:10 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान10 तेखअ ढाकी मंऐं सह कताब स्वर्ग दूते हाथा का संघा खाई। सह कताब मेरी खाखा मखीरा ज़ेही मिठी ता ज़ाण्हूंईं पर ज़ांऊं मेरै पेटै नाठी ता मेरअ पेट हुअ कल़ुअ। Viz kapitolaकुल्वी10 मैं सौ होछ़ी कताब तेई स्वर्गदूता हागै न लेई होर खाई। सौ मेरै मुँहा न मखीरा सांही मीठी ता लागी पर ज़ैबै मैं सौ खाई ता मेरा पेट कड़वा हुआ। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम10 तेबा मांई सह होच्छी कताब स्वर्गदूता रे हाथा का मगी करे खाई थी सह मेरे मुँहा में तो खमीरा साही मीठी तअ लागी, पर जेबा मांई सह खाई तेबा मेरअ पेट कउड होऊ। Viz kapitola |