प्रकाशितवाक्य 1:14 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान14 तेऊओ मूंड और शराल़ तै ज़ेही शेती ऊन, तिंयां ज़ाण्हिंआं तै ज़िहै हिंऊंआं ज़िहै शेतै च़मकदै लागै दै; और तेऊए आछी ती आगीए लुपल़ै ज़ेही। (दानिएल 7:9; 10:6) Viz kapitolaकुल्वी14 तेइरी मुँडी रै बाल़ ऊना सांही शेतै या हिंऊँआ सांही शेतै ती होर तेइरी औछ़ी औगी री झ़ाई सांही ती। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम14 तेऊरे मुडा री जटा शेती उणा साही हिंऊं साही शेती थी होर तेऊरी आछी आगि साही लाल थी, Viz kapitola |