फिलिप्पी 1:25 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान25 मुंह आसा एसा गल्लो भरोस्सअ और मुखा एसा गल्लो थोघ बी आसा कि हुंह रहणअ ज़िऊंदअ, और रहणअ बी तम्हां ई संघै, ज़ेता करै तम्हैं विश्वासा दी मज़बूत होए और तेता ई दी खुश रहे। Viz kapitolaकुल्वी25 तेबैता ता मुँभै ऐथा रा बशाह सा, होर मुँभै पता सा कि मूँ ज़िन्दै रौहणा, बल्कि तुसा सैभी सैंघै रौहणा कि तुसै बशाह न बढ़दे रौहा होर तेईन खुश रौहा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम25 एतकि तणी कि महा एउरा बुशाह साहा पर हाऊं जाणा कि हाऊं जिऊंदअ रहंणअं, पर तमे सभी संघा रहंणा जासु का तमे बुशाहा में पाके हूँदे रहा होर तेता में खुश रहा; Viz kapitola |