फिलिप्पी 1:18 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान18 तै किज़ै हुअ? सिधअ इहअ कि हर रंगे, च़ाहे सह किज़ू भान्नै दी होए, च़ाहे सत्ता दी, मसीहे कथ्या आसा खोज़दै लागै दै, और हुंह हआ एता करै खुश और मुंह खुश रहणअ बी। Viz kapitolaकुल्वी18 ता कि हुआ? सिर्फ़ ऐ, कि हर तैरहै न चाहे बहाने न, चाहे सच़ाई न, मसीह रै बारै न खुशी रा समाद शुणा सी, होर हांऊँ एथा न खुश सा, होर मूँ खुश रौहणा भी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम18 तेबा कैह होऊ? सीधी यह कि हर तरहा का, चाहे बहाने सच्चाई का, मसीहा री कथा शुणाउंदा, होर हाऊं एताका खुश साहा होर खुश रहंणा भी। Viz kapitola |