फिलमोन 1:14 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान14 मंऐं निं तूह अज़ी पुछ़अ और तंऐं बी निं मुल्है तेऊ इधी मुंह संघै डाहणें ज़ाज़त दैनी, मंऐं किअ इहअ बच़ार कि सह निं मुंह इधी डाहंणअ। हुंह बोला ताल्है बी इहअ कि तूह करै मेरी मज़त तै; ज़ै तूह सच्च़ी मेरी मज़त करनअ च़ाहे। Viz kapitolaकुल्वी14 पर मैं तुसरी इच्छा बगैर किछ़ भी केरना नैंई चाहू, कि तुसरी ऐ मज़त ज़बरदस्ती नैंई पर खुशी सैंघै होली। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम14 पर मांए तेरी इच्छा रे बिना किछे भी करना नांई चाहू, पर तेरी यह आछापन दबाव संघा नांई पर खुशी संघा होए। Viz kapitola |