मरकुस 6:2 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान2 तिधी लागअ बशैघे धैल़ी ईशू आराधना कोठी दी शिक्षा दैंदअ। बडै भारी लोग हुऐ तेऊए गल्ला शूणीं रहैन, तिंयां लागै इहअ बोलदै, “एऊ ईंयां गल्ला किधा का शिखल़ी? अह कुंण ज़िहअ ज्ञैन आसा ज़ुंण सिधअ एऊ लै आसा दैनअ द? ता हेरे; अह भाल़ किहै-किहै च़मत्कारे काम करा! Viz kapitolaकुल्वी2 बशाँ रै ध्याड़ै न यीशु आराधनालय घौरा जाईया लोका बै उपदेश देंदा लागा होर बोहू सारै लोका उपदेश शुणिया हैरान हुऐ होर बोलदै लागै, “ऐईबै ऐ गैला कौखै न आई?” तिन्हैं बोलू, “ऐ कुण ज्ञान सा ज़ो ऐईबै धिना सा? ऐईरी हौथै कैण्ढै चमत्कारा रै कोम प्रगट होआ सी? Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम2 सब्ता री धियाडी सह प्रार्थना घरा में उपदेशा दीन्दअ लागअ, होर बहू लोका शुणिकरे हेरान होई होर बोलले लागे, एयुमें या गला कन्धा कअ आई? यह कूण जेड़ा ज्ञान साहा ज़ो इऊ वै दीना दा साहा? एड़े सामर्थ्य रै काम यह केई साबे करा? Viz kapitola |