मरकुस 3:4 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान4 तेखअ पुछ़अ ईशू तिन्नां का, “बधाना दी किज़ै आसा लिखअ द? बशैघे धैल़ी भलअ करनअ ठीक आसा कि बूरअ करनअ? प्राण बच़ाऊंणै कि मारनअ?” पर तिंयां सोभ रहै च़ुप्पी। Viz kapitolaकुल्वी4 यीशुऐ शुकेंदै हौथा आल़ै मांहणु बै बोलू, “कि ज़ो बिधान मैं मूसा बै धिना कि सौ लोका बै शोभलै कोम केरनै रा हुक्म देआ सा या बुरै कोम?” कि बिधान आसाबै बशाँ रै ध्याड़ै न कोई मांहणु बै बच़ाणै रा हुक्म देआ सा होर फिरी मज़त केरनै री तैंईंयैं नाँह केरा सा? होर तिन्हां बै मौरनै देंदा? पर तिन्हैं ज़वाब नी धिना। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम4 होर तेऊ बोलू, सब्ता री धयाडी भला करना सब्ता री धयाडी ठीक साह या माडा करना ठीक साह, प्राण बचाऊणे की नांई बचाऊणे? पर त्या चुप रही। Viz kapitola |