मत्ती 7:5 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान5 “हे कपटी मणछा, आपणीं आछी पल़अ द शेटू काढ पैहलै पोर्ही। तेखअ सका तूह आपणैं भाईए आछी दी पल़ी दी घाहे कणीं काढी। Viz kapitolaकुल्वी5 हे कपटी, पैहलै आपणी औछ़ी रै लक्ड़ा बै खोल। तैबै तू आपणै भाई री औछ़ी रै आल्है बै शोभली तैरहा हेरिया खोली सका सा।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम5 हे कपटी! पहिले आपणी आछी रे धुडे काहड, तेबा तुह आपणे भाई री आछी का धुडा रांबडे ढंगे हेरी करी काढी सका। Viz kapitola |