मत्ती 7:27 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान27 ज़ांऊं बरसात आई, ढिश बागर च़ली, और गाडा-नाल़ी आई। ता तेऊ घरा दी लागी धख ज़ेही ढेस, ता सह घर हुअ ढूल़ी करै बरैबाद।” Viz kapitolaकुल्वी27 गाश आऊ, औढ़ा आऊ होर व्याना च़लू, होर सौ घौर ढौऊ होर बुरी तैरहा चुटू।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम27 होर बादल बरसी, होर बाढ़ आई, होर बागर चली, होर तेऊ घरा का टकराई होर सह डुल़ी करे सत्यनाश होऊ। Viz kapitola |