मत्ती 7:25 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान25 ज़ांऊं बरसात आई, ढिश बागर च़ली, पाणींए गाडा-नाल़ी आई। तेऊ घरा दी लागै बडै-बडै ढेसै। पर सह घर निं ढूल़अ। किल्हैकि तेते मैद आसा ती पाक्की ज़ैगा दी। Viz kapitolaकुल्वी25 गाश आऊ, औढ़ा आई होर ब्याना च़लू पर सौ घौर नी ढौऊ किबैकि तेइरी मनियाद पक्की ज़ैगा पैंधै पौई ती। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम25 होर पाणी होऊ, होर पाणी रे बागे आए, होर बागर चली, होर तेऊ घरा रा का टकराई, तेबा भी सह नांई डूल़ु, किबेकि तेऊरी मनियाद शाफड़ा पैंदे थी, Viz kapitola |