मत्ती 7:22 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान22 “तेसा धैल़ी बोल़णअ कई लोगा मुल्है कि हे प्रभू, हे प्रभू, हाम्हैं कै तेरै नांओंऐं आजू हणैं आल़ी गल्ला प्रगट निं की? हाम्हैं कै तेरै नांओंऐं भूत निं दरल़ाऊऐ और हाम्हैं तेरै नांओंऐं बडै भारी नछ़ैण च़मत्कार निं किऐ? Viz kapitolaकुल्वी22 न्याय रै ध्याड़ै न बोहू लोका मुँभै बोलणा; ‘हे प्रभु’ कि आसै तेरै नाँ न भविष्यवाणी नी केरी, कि आसै तेरै नाँ न बुरी आत्मा नी खोली होर कि आसै तेरै नाँ न च़मत्कार नी केरै? Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम22 तेसा न्याय री धियाड़ी बहु लोका महा बे बोलणा, हे प्रभु, हे प्रभु, कैह हामे तेरे ना री भविष्यवाणी नांई करी, होर तेरे ना का दुष्टात्मा नांई काढी, हर तेरे ना का बहू चमत्कारा आल़े काम नांई करी? Viz kapitola |