मत्ती 6:8 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान8 “तम्हैं निं तिन्नां ज़िहै बणीं। किल्हैकि थारै स्वर्गै रहणैं आल़ै बाप्पू परमेशरा का आसा थारै मांगणैं का पैहलै ई थोघ कि तम्हां किज़ू गल्ले कामीं आसा। Viz kapitolaकुल्वी8 तुसै तिन्हां सांही मता बणदै किबैकि तुसरा परमेश्वर मुँगणै न पैहलै ज़ाणा सा कि तुसरी ज़रूरत कि सा।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम8 एतकी तणी तमे त्या जेहे नांई बणे, किबेकि थारअ बापू समझा कि तमा कासु चीजा री जरूरत साहा। Viz kapitola |