मत्ती 5:46 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान46 किल्हैकि, ज़ै तम्हैं आप्पू संघै झ़ूरी डाहणैं आल़ै संघै ई झ़ूरी डाहा, तै तम्हां लै किज़ै फाईदअ हणअ? होर लोग बी कै इहअ निं करदै? Viz kapitolaकुल्वी46 अगर तुसै आपु सैंघै झ़ुरी रखणू आल़ै सैंघै झ़ुरी रखा सी ता तुसरा कि फायदा होंणा? कि पापी भी ऐण्ढा केरा सी? Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम46 किबेकी तमे आपणे प्रेम डाहंणे आले संघे प्रेम डाहा, तेबा परमेश्वरा तमाबे ईनाम किबे देलअ? चुंगी मागण आले भी एडा करदा? Viz kapitola |