मत्ती 5:29 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान29 “ज़ै तेरी आछी का कई गल्ला भाल़ी तूह पाप करा, तिन्नां पापा दी पाणै आल़ी गल्ला भाल़णैं का रह दूर। च़ाऐ ताह सह पोर्ही किल्है निं पल़े काढणीं। किल्हैकि ताल्है आसा अह ई भलअ कि तेरी देही का हणअ एक्कै आंग बरैबाद। इहअ करै निं तेरी सारी देही नरकै पाणीं। Viz kapitolaकुल्वी29 अगर तेरी दैहिणी औछ़ी तौभै ठोकर खियाए, ता तू तेसा बै खोलिया शेट किबैकि तेरी तैंईंयैं ऐ भला सा कि तेरै औंगा न एक नाश होला होर तेरा सारा शरीर नरका बै नी जाला। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम29 अगर तेरी धुरी आछ ताहवै ठोकर दे, तेबा तेसा काढी करे फंकी दे; किबेकि ताहबे यह भला साहा कि तेरे अंगा मेज़ा का एक अंग नष्ट होए होर तेरा सारा शरीर नरका री आगि मे नांई पडू लोडी। Viz kapitola |