मत्ती 5:27 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान27 “तम्हैं आसा ईंयां गल्ला शूणीं दी कि परमेशरै आसा म्हारै पित्तरा लै बोलअ द कि ‘कंज़रै निं हणअ।’ (बधान 5:18; लुआह 20:14) Viz kapitolaकुल्वी27 “तुसै शुणू सा, कि पैहलै ज़ुगा न बुज़ुर्ग लोका बै बोलू ती कि, ‘व्यभिचार हेरीत् केरदै।’ Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम27 तमे शूणी छेकू कि बोलुदा थी, ब्यभिचार नांई करे। Viz kapitola |