मत्ती 5:18 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान18 हुंह खोज़ा तम्हां का सत्त कि ज़ेभै तैणीं अह सरग और पृथूई खतम नां होए, तेभै तैणीं निं बधाना दी लिखी दी एक मात्रा और एक बिंदू बी पूरअ हणैं बाझ़ी टल़णअ। Viz kapitolaकुल्वी18 हांऊँ तुसाबै सच़ बोला सा, कि ज़ैबै तैंईंयैं सर्ग होर धौरती खत्म नी होलै, मूसै रै बिधाना रा एक-एक शब्द बणिया रौहणा। तेई तैबै तैंईंयैं बणिया रौहणा ज़ैबै तैंईंयैं सौ पूरा नी होला। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम18 किबेकि हाऊं तमाबे सच बोला, कि जेबरे तणी सरग होर पृथ्वी ना टल़ए, तेबरे तणी व्यवस्था रा एक मात्र या एक बिन्दु भी बिना पुरे होए नांई टल़णे। Viz kapitola |