मत्ती 3:12 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान12 “तेऊओ शूप आसा तेऊए हाथै, तेऊ करनी आपणैं खहल़े राम्बल़ै करै सफाई और धर्मीं मणछ करनै तेऊ ज़ुदै ज़िहअ ज़िम्मींदार नाज़ खुडी करा कठा, बूरै मणछ पाणै तेऊ भुखलै ज़िहै एही आगी जैंदरी दहई, ज़ुंण आग कधि निं हिशदी आथी।” Viz kapitolaकुल्वी12 तेइरा शूप तेइरै हौथा न सा होर तेई आपणा खौल़ शोभली तैरहा साफ केरना होर गेहूँ ता तेई आपणै कोठड़ी न डाहणै, पर भूज़ ऐण्ढी औगी न पाणा ज़ो कैधी भी नी हिशणी।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम12 तेऊरअ शुप तेऊरे हाथे हुणअं, होर तेऊ आपण भंडार रामबडअ साफ करणअ, होर गिहू आपणे भंडारा मे ही कठे करने, होर भुख्ला तेसा आगि में पाऊणा जोह कधी हिशणे री नांई साहा। Viz kapitola |