मत्ती 27:62 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान62 दुजै धैल़ै हुऐ बशैघे धैल़ी बडै परोहित और फरीसी लोग राजपाल पिलातुसा सेटा कठा, संघा बोलअ तिन्नैं राजपाला लै, Viz kapitolaकुल्वी62 दुज़ै रोज़ै बशाँ रै ध्याड़ै किछ़ मुख्यपुरोहित होर फरीसी पिलातुस राज़पाला सैंघै मिलै होर बोलू, Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम62 दूजी धियाड़ जोह वश्यागा री धयाड थी, प्रधान याजक होर फरीसीये पिलातुसा सेटा कठे होई करे बोलू, Viz kapitola |