मत्ती 27:6 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान6 बडै परोहितै बोलअ तिन्नां सिक्कै लै इहअ, “म्हारै बधाने साबै निं इना सिक्कै हाम्हैं मांदरे भढारै डाही सकदै। किल्हैकि ईंयां ढबै दैनै तै हाम्हैं कसा मणछा मारना लै किम्मत।” Viz kapitolaकुल्वी6 मुख्यपुरोहिता ते सिक्कै आंणै होर बोलू, “इन्हां, सिक्कै रा मन्दिरा न रखणा ठीक नी ऑथि, किबैकि ऐ आसै कोई मांहणु बै मकाणै री कीमत धिनी सा।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम6 प्रधान याजक त्या सिक्के नी करे बोलू, या भण्डारा में डाहणे व्यवस्था रे साबे ठीक नांई, किबेकि सह लोहू री कीमत साहा। Viz kapitola |