मत्ती 27:19 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान19 ज़ांऊं सह न्याय आसना दी बेठअ द त, ता तेऊए लाल़ी दैनअ तेऊ लै समाद “तूह धर्मीं मणछे मांमलै दी निं हाथ पाई आथी; किल्हैकि मुंह आसा हुअ द सुपनै करै बडअ भारी दुख।” Viz kapitolaकुल्वी19 ज़ैबै पिलातुस न्याय री राज़गद्दी पैंधै बेठा ती ता तेइरी लाड़ियै तेई हागै एक सँदेशा भेज़ू, “कि तू तेई धर्मी होर सच़ै मांहणु सैंघै किछ़ मतेई केरदा; मैं तेइरै बारै न एक सुपना हेरू सा होर हांऊँ औज़ पूरी ध्याड़ी न बेचैन रौही।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम19 जेबा सह न्याय री गद्दी में बेठदअ थी, तेबा तेऊरी बेटड़ी तेऊबै बोलू, तूह तेऊ धर्मी रे मामले में हाथ नांई पाए, किबेकि मांई आज सुपने में तेऊरी बजा का बहू दुःख चुआकू। Viz kapitola |