मत्ती 27:15 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान15 पिलातुसो त इहअ रबाज़ कि सह करा त तेऊ ओवार्णे थैरे धैल़ी एकी कैदी आज़ाद ज़ुंण कैद खानै दी होए और ज़हा लै लोग आज़ाद करने अरज़ करे। Viz kapitolaकुल्वी15 राज़ै रा एक नियम ती कि त्यौहारा रै ध्याड़ै न लोकै री तैंईंयैं सौ एक कैदी बै छ़ौड़ी सका ती ज़ुणिबै लोका चाहा सी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम15 राज्यपाला री यह रीति थी, कि तेऊ जाचा में लोका री तणी कासु एकु बन्दी जासू त्या चाहंदा थी, छाड़ा थी। Viz kapitola |