मत्ती 26:30 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान30 तेखअ नाठै ईशू और तेऊए च़ेल्लै ओवार्णे थैरे गिहा बोलदी बागै जैतून धारा लै। Viz kapitolaकुल्वी30 तैबै ते फसह रा भजन गाईया जैतून ढौगा पैंधै बै नौठै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम30 तेहुकी त्या भजन गाई करे जैतूना पहाडा बै नाठे। Viz kapitola |