मत्ती 26:3 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान3 तेखअ बडै परोहित और मुखियै की काईफा नांओंए माहा परोहिते खोल़ै कठा हई एक पांच़ी। Viz kapitolaकुल्वी3 तैबै मुख्यपुरोहिता होर लोकै रै स्याणै पतरसा रै महापुरोहिता रै नाँ रै बरामदै न कठा हुऐ। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम3 तेबा प्रधान याजक होर प्रजा रे पुरनिए काइफा ना रअ होर ग्रा रे बजुर्ग आँगणे में कठे होई, Viz kapitola |