मत्ती 26:11 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान11 गरीब रहणैं कबल्लै तम्हां ई संघै तम्हैं ज़ेभै च़ाहे तेभै सका तिन्नां लै दैई, पर हुंह निं तम्हां संघै कबल्लअ च़ाल्लअ रहई। Viz kapitolaकुल्वी11 कंगाल तुसा सैंघै हमेशा रौहा सी पर मूँ तुसा सैंघै हमेशा नी रौहणा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम11 कंगाल तअ सदा तमे संघे रहंदा, पर हाऊं तमा संघे सदा नांई रहंणअं। Viz kapitola |