मत्ती 25:42 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान42 किल्हैकि ज़ेभै हुंह भुखअ त तेभै निं तम्हैं मुल्है रोटी दैनी। हुंह त नचिशअ और तम्हैं निं मुखा पाणीं बी पणैंऊंअ! Viz kapitolaकुल्वी42 किबैकि हांऊँ भूखा ती तुसै मुँभै खाँणै बै नी धिना, हांऊँ शोखा ती तुसै मूँ न पाणी नी प्याऊ। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम42 किबेकि हाऊं भोछअ थी, होर तमे महाबे खाणे बे नांई दिंना; हाऊं शोखो थी, तमे महा बे पाणी नांई पलाऊ; Viz kapitola |