मत्ती 25:38 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान38 हाम्हैं कधू भाल़अ तूह परदेसी कि घरै डाहअ और कधू त नांगअ कि हाम्हैं ताखा झिकल़ै बन्हैऊंऐं? Viz kapitolaकुल्वी38 आसै तू कैबै परदेशी हेरू होर आपणै घौरा न रौहणै धिना? आसै कैबै तू नाँगा हेरू ज़ो तौभै झिकड़ै धिनै? Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम38 हामे कधू तूह परदेशी हेरू होर आपणे घरे बश्यागु? या नेगअ हेरू होर झिकड़े पनई? Viz kapitola |