मत्ती 25:31 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान31 “ज़ांऊं हुंह मणछो शोहरू आपणैं प्रतपा दी फिरी एछणअ, और सारै स्वर्ग दूत मुंह संघै एछणैं, तेभै हणअ हुंह आपणैं प्रतपा दी आपणीं राज़गादी दी सोभी लोगे न्याय करदअ बेठअ द। Viz kapitolaकुल्वी31 “ज़ैबै हांऊँ, मांहणु रै बेटै दबारा ऐणा, ता आपणी महिमा न ऐणा होर सैभ स्वर्गदूत आपु सैंघै आंणनै। तैबै मूँ आपणी महिमै रै सिंहासना पैंधै सैभी लोका रा न्याय केरनै री तैंईंयैं बेशणा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम31 जेबा मणशा रअ शोहरू आपणी महिमा में इलअ होर सबे स्वर्गदूत तेऊ संघे ईहंणे, तेबा सह आपणी महिमा रे सिंहासना पैंदे बिराजमान हूँणअं। Viz kapitola |