मत्ती 25:21 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान21 “तेऊए मालकै बोलअ तेऊ लै, ‘शाबाश, हुंह हुअ ताह करै खुश तूह आसा राम्बल़अ और भरोस्सै करनै जोगी टैहलू। किल्हैकि तंऐं किअ थोल़ै दी विश्वास। मुंह बणांणअ तूह खास्सी च़िज़ो मालक और तूह हणअ मुंह संघै मेरी खुशी दी साझ़ू।’ Viz kapitolaकुल्वी21 तेइरै मालकै नोकरा बै बोलू, हे भरोसै लायक नोकरा तू धन्य सा किबैकि तू थोड़ै ज़ेही न भरोसै लायक रौहू। मूँ तू बोहू चीज़ा रा हकदार बणाणा। आपणै मालकै री खुशी न शामिल हो।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम21 तेऊरे मालके तेऊबै बोलू, धन्य, हे शोभले होर बुशाह लायक नोकर, तूह थोड़े में बुशाह लायक रहू; महा तूह बहु चीजा रअ अधिकारी बणाउणं। आपणे मालका रे आनन्दा में सहभागी हो। Viz kapitola |