मत्ती 25:20 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान20 ज़हा लै सुन्नें सिक्कै करै भरी दी पांज़ थैली आसा ती दैनी दी, तेऊ आणी सुन्नें सिक्कै करै भरी पांज़ थैली मालका सेटा लै होर, संघा बोलअ तेऊ इहअ, ‘हे मालक तंऐं ज़ुंण मुल्है सुन्नें सिक्कै करै भरी पांज़ थैली आसा ती सभाल़ी दी, भाल़, तेता करै खटी मंऐं पांज़ थैली भरी सुन्नें सिक्कै होर।’ Viz kapitolaकुल्वी20 ज़ुणिबै पौंज़ सुनै री थैली मिली ती, तेइयै पौंज़ सुनै री थैली होर आंणिआ बोलू, ‘ओ मालक, तैं मुँभै पौंज़ सुनै री थैली धिनी, ती हेर मैं पौंज़ होर सुनै री थैली कमौई।’ Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम20 जासु पांज तोड़ भेटे, तेऊ पांज़ तोड़े होर आणी करे बोलू, हे मालक, तांई महा बे पांज तोड़े दीने थी, हेर, मांई पांज़ तोड़े होर खटी। Viz kapitola |