मत्ती 24:42 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान42 “तम्हैं रहै बिऊंतै, किल्हैकि तम्हां का निं इहअ थोघ आथी कि थारअ प्रभू कसा धैल़ी एछणअ। Viz kapitolaकुल्वी42 ऐबै बिऊदै रौहा, किबैकि तुसै नी ज़ाणदै कि तुसरै प्रभु कौस ध्याड़ै न ऐणा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम42 एतकी तणी ज़ागदे रहा, कि तमे नांई ज़ाणदे कि थारअ परमेश्वर कासु धियाड़ी इहंणअं। Viz kapitola |