मत्ती 24:29 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान29 “तिन्नां धैल़ीए दुख-सांगटा का बाद फिरनअ सुरज़ न्हैरअ और ज़ोथ हणीं काल़ी; और सरगा का अल़णैं तारै और सरगे सारी शगती बी सिकणीं आजू-पिछ़ू। Viz kapitolaकुल्वी29 “तिन्हां ध्याड़ै रै दु:खा न बाद सूरज़ काल़ै होंणा, होर ज़ोथा रा प्याशा नी रौहणा, तारै सर्गा न औल़नै होर सर्गै री सारी शक्ति हिलाइणी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम29 त्या धियाड़ी रे क्लेशा रे तेभरी बाद ध्याडअ न्याहरा हूँणअं, होर जोहथा रा सामर्थ्य नाहंदा रहंणा, होर तारे सरगा का पडने होर सरगा री शक्ति हिलाउंणी। Viz kapitola |