मत्ती 24:21 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान21 किल्हैकि तैहा घल़ी एछणअ इहअ दुख-सांगट कि ज़ुंण एऊ संसारे शुरू का आझ़ तैणीं कधि निं हुअ और नां कधि हणअ। Viz kapitolaकुल्वी21 किबैकि तेई बौगतै ऐण्ढा भारी दु:ख होंणा ज़ैण्ढा कि दुनिया री शुरूआता न लेइया औज़ा तैंईंयैं नी हुआ होर नी होंणा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम21 किबेकी तेऊ वक्ते एडा ज्यादा क्लेश हूँणा, जेड़ा संसारा में पहिले का एबरे तणी ना होऊ होर नाह कधी हूँणा। Viz kapitola |